Yogini Mata (Tripta Devi) – योगिनी माता (तृप्ता देवी)

Young Yogini
Around Vaishakhi day in April, 2011 a European gentleman visited Manavta Mandir, Hoshiarpur and also interviewed Yogini Mata at Pathankot. The information about that interview with Yogini has been recorded at at this link – Radhasoamistudies The moderator of the discussion group (Dr. David C. Lane) has warned about the loss of many things during translation. (Services of an interpreter had been taken for conversation.)
I myself interviewed Yogini on 09-10-2010. On that occasion too, she had expressed same sort of views regarding appearance of form of Guru, Namdan and had told that she was fed up with delivering discourses.   
At the time when interview was being taken, one of our acquaintances (a social worker) Asha Bhagat was present right there at Yogini’s residence and did some live commentary over phone.
Asha told that the gentleman while interviewing Yogini, had asked for pieces of her nails and hair. Yogini said, “We do not preserve pieces of hair and nails. I recently cut my nails and cannot cut further.” I give importance to it. The interviewer has not mentioned about it in the present report nor he has given any particular purpose for which he required them. (May be he reveals it future).
In the context of Yogini it has to be taken care of that she is Indian woman and her family values are such that she would not have instantly cut her hair and given it to someone to keep it. So far as nails are concerned there are so many interesting and horrifying tales told in the circle of Yogis. It was not so that Yogini was totally ignorant about such stories. After the interview, a smiling Yogini asked Asha Bhagat, “Why he asked for pieces of hair and nails. Is it that he does some black magic?” Here Yogini is ‘skeptical’. She may not know that scientific studies on nails and hair can reveal few things.
This gentleman is now doing detailed work on interview. It is expected that it may reveal new information about Yogini’s untraditional thinking about Guruism and its other aspects.
Views of Yogini are undergoing ‘intellectual test’ at Radhasoamistudies.
पिछले दिनों वैशाखी के आसपास एक यूरोपियन सज्जन मानवता मंदिर, होशियारपुर में आए थे और उन्होंने पठानकोट में योगिनी माता (तृप्ता देवी) का साक्षात्कार भी लिया था. योगिनी से साक्षात्कार की सूचना राधास्वामीस्टडीज़ के इस लिंक पर दर्ज हुई है – राधास्वामी स्टड़ीज़ राधास्वामीस्टडीज़ के मॉडरेटर (डॉ. डोविड सी. लेन) ने चेतावनी दी है कि अनुवाद के दौरान कई बातें छूट गई हो सकती हैं. (बातचीत के लिए दुभाषिए की सेवाएँ ली गई थीं.)
मैंने स्वयं योगिनी का इंटरव्यू 09-10-2010 को लिया था. तब भी उन्होंने गुरु का रूप प्रकट होने, नामदान देने और सत्संग कराने से आई उपरामता के बारे में ऐसे ही विचार व्यक्त किए थे.
जब यह इंरटव्यू लिया जा रहा था तब हमारी परिचित सामाजिक कार्यकर्ता आशा भगत योगिनी के यहाँ मौजूद थीं और उसने थोड़ी लाईव कमेंट्री फोन पर दी थी.
आशा ने बताया था कि इंटरव्यू लेने वाले सज्जन ने बातचीत के दौरान योगिनी से उसके नाख़ुनों और केशों के टुकड़े माँगे थे. योगिनी ने कहा था कि हम केश के टुकड़े संभाल कर नहीं रखते और नाख़ून कुछ समय पहले काटे हैं अतः और नहीं काट सकती. मैं इसे महत्व देता हूँ. इस सज्जन ने इस बात का उल्लेख इस रिपोर्ट में कहीं नहीं किया है और न ही लिखा कि उनके ऐसा करने का क्या कोई विशेष प्रयोजन था. (आगे चल कर शायद वह इसका खुलासा करे).
योगिनी के संदर्भ में इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे भारतीय महिला हैं और उनके पारिवारिक संस्कार ऐसे हैं कि वे अपने केश तुरत काट कर यों ही किसी को देने से रहीं. नाख़ुनों को लेकर योगियों के दायरे में बहुत सी बातें प्रचलित हैं जो रोचक और भयानक कथाओं से भरी हैं. योगिनी इनसे बिलकुल अनभिज्ञ हैं, ऐसा नहीं है. इंटरव्यू के बाद योगिनी ने आशा भगत से हँसते हुए पूछा, यह मेरे केश और नाख़ुन क्यों माँग रहा है. कहीं यह कोई काला जादू तो नहीं करता?” यहाँ योगिनी शंकालु है. हो सकता है उसे पता न हो कि केशों और नाख़ुनों पर किए गए वैज्ञानिक अध्ययन कुछ बातें बता सकते हैं.
अभी यह सज्जन इंटरव्यू पर विस्तृत कार्य कर रहे हैं. उम्मीद है कि भारतीय गुरुइज़्म और इसके अन्य पक्षों के बारे में परंपरा से हट कर योगिनी की जो सोच है उसके बारे में नई जानकारी मिलेगी.

योगिनी के विचार राधास्वामी स्टड़ीज़ पर एक बौद्धिक परीक्षण से गुज़र रहे हैं.

Yogini at 71 now
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Born on January, 13, 1951. I love my community and country.
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13 Responses to Yogini Mata (Tripta Devi) – योगिनी माता (तृप्ता देवी)

  1. योगिनी माता के बारे में उत्सुकता बढ़ गयी है..आगे भी बताएं

  2. ZEAL says:

    .

    Bhushan ji ,

    while bringing the posts here , you can cut paste the comments also from your other blogs.

    .

  3. Bhushan says:

    @ Amrita Tanmay. आपकी लिखने की क्षमता से आज परिचय हुआ है. योगिनी माता पर जो भी समग्री मुझे मिलेगी इसी ब्लॉग पर रकार्ड होगी.

  4. Bhushan says:

    @ Zeal. दिव्या जी, आपका मार्गदर्शन बहुत उपयोगी है. धन्यवाद.

  5. Bhushan says:

    ऐसा प्रतीत होता है कि गूगल द्वारा ब्लॉगर की मेंटेनेंस के दौरान यहाँ से अमृता तन्मय और डॉ. दिव्या की टिप्पणियाँ किसी कारण से डिलीट हुई हैं.

  6. Bhushan says:

    डॉ. दिव्या की टिप्पणी इस प्रकार थी-

    Bhushan ji,
    while bringing the posts here , you can cut paste the comments also from your other blogs.

  7. Bhushan says:

    अमृता जी की टिप्पणी भी से ढूँढ लाया हूँ

    “योगिनी माता के बारे में उत्सुकता बढ़ गयी है..आगे भी बताएं”

  8. योगिना माता की के संबंध में यह रोचक जानकारी अनोखी भी लगी।

  9. Interesting information.
    Thanks for sharing .

  10. आपने उनके बारे में अच्छा और योगिना माता के संबंध में जानकारी वर्धक लिखा है.

  11. हम्म, रोचक जानकारी !

  12. Bhushan says:

    राजेंद्र स्वर्णकार जी ने एक अन्य पोस्ट पर इस आलेख के बारे में यह टिप्पणी दी है-

    “पिछली पोस्ट भी पढ़ कर गया था … योगिनी माता पर लिखा आलेख मेरे लिए बिल्कुल नई जानकारी थी। उसके लिए भी आभार!

    समाज और जीवन के लिए उपयोगी आलेखों के लिए आपके प्रति आभार सहित हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

    – राजेन्द्र स्वर्णकार”

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