It was hijacked – हो गया न अपहरण

भ्रष्टाचार नामक अबोध बच्चे का हैप्पी बर्थडे कब हुआ इसका उल्लेख कहीं नहीं मिला. परंतु यह पैदा हुआ और ज्योंकात्यों है. बहुत सुंदर है और अपने जैसे मातापिता की संतान है. अंग्रेजों ने इसे बड़े लाड़प्यार से पालापोसा और आज़ादी के दिन हमारे हवाले कर गए. अबोध लोकतांत्रिक प्रणाली तब से इसे छाती से लगाए थी कि एक झपट्टे से बालक का अपहरण हो गया. छुटभैयों ने इसे मुद्दे की तरह उठा लिया. अपहरण लाभदायक सौदा था सो अपहर्ताओं में शामिल होने की होड़सी लग गई. अनशन हुए. राजघाट की अदृष्य आत्मा से समर्थन मिलने का हौवा दिखाया गया.


लेकिन हट्टीकट्टी राजनीतिक पार्टियों के लिए हौवा एक खेलने की चीज़ है. बीजेपी ने आँखें दिखाईं….काँग्रेस ने डरने का अभिनय कर दिया. इन दोनों बहनों के आने के बाद बाकी किरदार बौने दिखने लगे. अन्ना से तंबी (छोटे भाई) हो गए.

आज की सुर्ख़ियों से ज्ञात हुआ कि काँग्रेस भ्रष्टाचार के विरोध में अपना आंदोलन स्वयं चलाएगी. सब के सामने काँग्रेस ने इस बालक का अपहरण कर लिया है. बालक सुंदर है, सुशील है, कुलीन है. अपहरण ज़रूरी है. बहुत काम का बच्चा है. अपने पास रखना है. किसी अन्य के हाथ में नहीं जाने देना है. न बच्चे के तौर पर, न मुद्दे के तौर पर.


उधर सोने के बंगले के सामने पलापुसा भिखारी सिस्टम कह रहा है, तेरा बच्चा जिए….बच्चे के नाम पर कुछ हमें भी दे दो बाबा. भगवान हम सब का भला करे…..बंगले के भीतर ठहाके गूँजते हैं और एक गंभीर स्वर उभरता है, लक्ष्मी !! जा कर चाँदी का एक गिलास भिखारी को दे आ. उसे कहना आताजाता रहे. भगवान हम सब का भला करे.एक ठहाका फिर गूँजता है….

MEGHnet



Advertisements

About meghnet

Born on January, 13, 1951. I love my community and country.
This entry was posted in रचनात्मक. Bookmark the permalink.

22 Responses to It was hijacked – हो गया न अपहरण

  1. Vivek Jain says:

    सुंदर व्यंग्य, पर ये बालक केवल कांग्रेस के यहां नहीं बल्कि सभी राजनैतिक पार्तियों में रहता है, यकीन न हो तो लखनऊ आकर मायावती जी के कारनामें देखें,

    आभार- विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

  2. Bhushan says:

    * Vivek जी, आपने सही कहा यह बालक सभी पार्टियों का है. इसे सब उठाए फिरने में विश्वास रखते हैं.

  3. अब बारी भ्रष्टाचार को खाने की है।

  4. ZEAL says:

    भूषण जी ,
    बहुत सटीक व्यंग लिखा है । सच कहूँ तो बहुत ही मार्मिक लिखा है। पढ़कर आँसू आ गए । किस कदर सत्ता के लोलुप भेडिये 'भ्रष्टाचार' करते भी हैं और इसी भ्रष्टाचार को अपनी बैसाखी बनाकर और बड़े दानव बनते जा रहे । आम जनता की पहुँच के बाहर । हम सब तो शायद उसी भिखारी की तरह हो गए हैं , जिनके मुंह एक चांदी का गिलास देकर बंद कर दिया जाते है , और अट्टहास गूंजता है ।

  5. Babli says:

    बहुत ही बढ़िया और शानदार रूप से व्यंग्य किया है आपने! लाजवाब पोस्ट!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/

  6. सटीक व्यंग । सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं।

  7. आपने सच कहा है और सच मुझे पसंद है । इसी वजह से मैं आपको पसंद करता हूँ । यह आप जानते ही हैं ।
    शुक्रिया !
    हमारी वाणी भी भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंस चुकी है और अभिव्यक्ति की आज़ादी का हक़ ब्लॉगर से छीन रही है । इसीलिए हमने कह दिया है कि हमारा अकाउंट हटाया जाए हमारी वाणी से । अपने क्षेत्र में अनवर जमाल टुच्चागर्दी सहन नहीं करेगा , करने वाला चाहे बुड्डा बैरिस्टर ही क्यों न हो ?
    Reply

  8. आपने सच कहा है और सच मुझे पसंद है । इसी वजह से मैं आपको पसंद करता हूँ । यह आप जानते ही हैं ।
    शुक्रिया !
    हमारी वाणी भी भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंस चुकी है और अभिव्यक्ति की आज़ादी का हक़ ब्लॉगर से छीन रही है । इसीलिए हमने कह दिया है कि हमारा अकाउंट हटाया जाए हमारी वाणी से । अपने क्षेत्र में अनवर जमाल टुच्चागर्दी सहन नहीं करेगा , करने वाला चाहे बुड्डा बैरिस्टर ही क्यों न हो ?
    http://ahsaskiparten.blogspot.com

  9. राजनीति कीचड़ का ही नाम है
    ये सब मिलकर कीचड़ ही उछालेंगे
    और उस कीचड़ को लोकतन्त्र की
    बहती पावन गंगा में डालेंगे

  10. Pallavi says:

    शानदार पोस्ट सर, बहुत ही सच्ची,सरल भाषा में बहुत ही बढ़िया तरीके से व्यङ्गात्म्क रचना की है आपने,बहुत ही कम शब्दों में सटीक बात कहने का आप का यह अंदाज बहुत बढ़िया लगा आप शायद वो पहले इंसान होंगे जिहोने भ्रष्टाचार को एक अबोध बालक का नाम दिया हो, आज यही हाल्त तो है हमारे देश की आज हर कोई इस बालक को उठाये फिरता है, न केवल राजनीतिक पार्टियां बल्कि आम से आम जगहों पर भी आप इस बालक को बखूबी देख सकते है

  11. Jyoti Mishra says:

    An ideal satire…. it's a treat for readers.
    Clearly showing that how all parties without exception want to have this kid badly.

    Super like !!!!

  12. आदरणीय भारत भूषणजी,बहुत सटीक व्यंग लिखा है! सच कहूँ तो बहुत ही मार्मिक लिखा है!

  13. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति.

  14. Excellent satire, sir!!! I wonder if 'power' is the mother and greed is the father of this baby…

  15. सदा says:

    वाह … बहुत ही बढि़या सच लिखा है आपने अपनी लेखनी से ।

  16. Sunil Kumar says:

    आदरणीय भूषणजी,बहुत सटीक व्यंग लिखा ….

  17. बढ़िया व्यंग्य लेख….
    भ्रष्टाचार रुपी बच्चा बड़े लोगों के लिए तो बहुत सुन्दर है मगर आम आदमी के लिए राक्षस पुत्र ही साबित हो रहा है | शैतानों द्वारा पाला-पोसा जाने वाला यह वीभत्स स्वरुप, देश की जड़ तक हिला देने में कामयाब रहा है | आज नहीं तो कल …जरूर इसका अंत होगा |

  18. सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। बहुत सटीक व्यंग|

  19. वाह!अलग अंदाज़ आनंद से भर दिया.दर्द जहाँ है रहने दिया जाए.

  20. sm says:

    like the narration and story

  21. भूषण जी ,
    सरल भाषा में बहुत ही बढ़िया तरीके से बहुत सटीक व्यंग लिखा है…….अलग अंदाज़…सच लिखा है ।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s