Monthly Archives: January 2012

Megh Nagar – मेघ नगर

संभव है कि यह संयोग मात्र हो कि स्यालकोट से आए मेघ भगतों को जालंधर (एक शूद्र ऋषि के नाम पर बने शहर) में बसाया गया. फिर जहाँ उनके लिए कच्ची बैरकें बनीं उस स्थान का नाम भार्गव कैंप, गाँधी … Continue reading

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Anna Hazare’s health- an angle of conspiracy – अन्ना हज़ारे का स्वास्थ्य- कोण षडयंत्र का

बाबा रामदेव ने अन्ना हज़ारे के गिरते स्वास्थ्य के पीछे कोई षड्यंत्र होने की बात कह कर मधुमक्खियों के छत्ते को छेड़ दिया है. अभी तक दुनिया में जितने भी क्रांतिकारी हुए हैं उनमें से कितनों की जान एलोपैथी की … Continue reading

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Genetics of a story – एक कहानी की अनुवांशिकी

यह कहानी एक वक्ता ने टीम बिल्डिंग संबंधी प्रशिक्षण के दौरान ज्ञान साझा करने की आवश्यकता बताते हुए सुनाई. भाग-1 (पुरानी कहानी) आपने सुना होगा. एक सौदागर टोपियाँ बेचता था. वह जंगल से गुज़रा और थक कर सो गया. तभी … Continue reading

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A case against Hindi grammer – हिंदी व्याकरण के विरुद्ध एक मामला

समझ में नहीं आता कि हिंदी में द्वितीय पुरुष के तीन विकल्प किसने बनाए थे. ‘आप’,‘तुम’और ‘तू’. जिसने भी बनाए हों उसकी तिकड़म ने हमारे समाज-परिवार के तीन-तीन हिस्से कर दिए. हमारी पुरानी आदत है कि हम मुग़ल शासकों और … Continue reading

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Why this kolaveri di:Music of the absurd – कोलावेरी डी : ऊलजुलूल का संगीत

संगीत के बारे में अति पिछड़ा मानुष हूँ. पिछले दिनों स्वयं से भी पिछड़ों के घरों में एक गीत बार-बार सुना- ‘कोलावेरी डी’. यह सिर पर सवार हो गया. प्रशंसा के तौर पर इस गीत के बारे में कहा गया … Continue reading

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Old radio – बूढ़ा रेडियो

घर में बूढ़ा रेडियो आज भी है. यद्यपि उसके पुराने गीत बेमानी हो चुके हैं.  तेज़ रफ़तार प्रिया-विम्मी-सन्नी वगैरा किसी गीत के मुखड़े से पहले हारमोनियम, सारंगी या तबला शुरू होते ही कहते हैं “अः…बोर है.” ऐसे धीमे गीतों से … Continue reading

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The rat, my friend – चूहा, मेरा मित्र

मनुष्य जाति के हमारे वैज्ञानिक दवाइयों और रसायनों के प्रयोग चूहों पर करते हैं. फिर चूहों जैसे चुनिंदा इच्छुक मनुष्यों पर करते हैं. फिर आगे के प्रयोगों के लिए उन दवाओं आदि को मनुष्य रूपी चूहों से भरे दक्षिण एशिया … Continue reading

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