Monthly Archives: November 2012

Indian Government ji, wake up – भारत सरकार जी, जागो

पोंटी चड्डा के मामले में मेरी नज़र केवल इस तथ्य पर अटक कर रह गई है कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों को एक ही दिन में कई हथियारों के लाइसेंस दे दिए गए. उसके साथ ही बुलंदशहर में एक … Continue reading

Posted in Politics | 3 Comments

Ashoka the great – Ravana the great – अशोक महान – रावण महान

बचपन से एक प्रश्न मन में था कि लंका में बनी अशोक वाटिका में क्या कभी सम्राट अशोक रहते थे या यह वाटिका अशोक ने बनवाई थी? सीता-माता जिसमें रह रही थी उस वाटिका को हनुमान ने क्यों नष्ट कर … Continue reading

Posted in Ashoka the great, Myth, Ravan | 8 Comments

Diwali-2012 – दीपावली-2012

फेसबुक पर इस बार प्रदूषण मुक्त दिवाली को बहुत प्रचारित किया गया है. साथ ही पिछली कुछ शताब्दियों (कलियुग) में पनपी ज्ञान और धन की मित्रता को रेखांकित करने के लिए बुद्ध को इस पर्व के साथ संलग्न किया गया … Continue reading

Posted in Buddha, Dipawali | 12 Comments

BAMCEF-3 – बामसेफ-3

बामसेफ-बीएमएम चंडीगढ़ यूनिट की एक साप्ताहिक बैठक 04-11-2012 को अंबेडकर भवन, सैक्टर-37 ए, चंडीगढ़ में आयोजित हुई जिसमें भाग लेने का अवसर मिला. बामसेफ से मेरा संपर्क युवावस्था में हुआ था जब मैंने इसकी एक बैठक ए.जी. ऑफिस सैंक्टर-17 में … Continue reading

Posted in BAMCEF | 3 Comments

Dalit Community (Today’s Valmikis) were mislead – दलित समुदाय (आज के वाल्मीकि) को गुमराह किया गया था

इसे पढ़ कर आपकी तीसरी आँख खुल जाएगी- “जब हम इतिहास का अवलोकन करते हें, तो 1925 से पहले हमें वाल्मीकि शब्द नहीं मिलता. सफाई कर्मचारियों और चूह्डों को हिंदू फोल्ड में बनाये रखने के उद्देश्य से उन्हें वाल्मीकि से … Continue reading

Posted in Arya, Valmikis | 4 Comments

Aborigines (Adivasis) struggle for independence – स्वतंत्रता के लिए मूलनिवासी (आदिवासी) संघर्ष

25 नवंबर 2010 को मैंने भीलों (भील मीणा) मूलनिवासियों की अपनी स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष के बारे में एक पोस्ट यहाँ लिखी थी. भीलों की वह कुर्बानी जलियाँवाला बाग़ की घटना से कई गुणा बड़ी है जिसे इतिहासकारों … Continue reading

Posted in भील, Bheel, Independence | 6 Comments

Rafi and Sahir- great talents – रफ़ी और साहिर- महान प्रतिभाएँ

कहते हैं कि जब भगवान का गाने को दिल किया तो उसने मोहम्मद रफी की आवाज़ पैदा कर ली. एक और बात भी है कि भारत विभाजन के बाद जब प्रकृति ने शुद्ध मानवता की बात करनी चाही तो साहिर … Continue reading

Posted in Music | 2 Comments