Rafi and Sahir- great talents – रफ़ी और साहिर- महान प्रतिभाएँ

कहते हैं कि जब भगवान का गाने को दिल किया तो उसने मोहम्मद रफी की आवाज़ पैदा कर ली. एक और बात भी है कि भारत विभाजन के बाद जब प्रकृति ने शुद्ध मानवता की बात करनी चाही तो साहिर लुधियानवी को पैदा कर लिया. इन दोनों की जोड़ी ने भारतीय सिनेमा को यादगार गीत दिए हैं जो सामाजिक ताने-बाने और ताने-पेरे में बँधे दर्द को कलात्मक बना कर ज़ेहन में डाल देते हैं.

इन्होंने व्यक्ति के दर्द को बहुत खूबी जाना और से बुना है. कुछ दिन पहले यह गीत सुना था- कहीं करार न हो और कहीं खुशी न मिले, हमारे बाद किसी को ये ज़िंदगी न मिले‘. जिस दर्द को साहिर ने लिखा उसे उतने ही दर्द के साथ रफी ने अपनी आवाज़ में दे दिया. कहने को यह दर्द किसी भी व्यक्ति का हो सकता है लेकिन इसकी प्रकृति सार्वभौमिक है. 
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2 Responses to Rafi and Sahir- great talents – रफ़ी और साहिर- महान प्रतिभाएँ

  1. दोनों महान कलाकारों को हम हमेशा सुनते रहेंगे..

  2. सदा says:

    न दोनों की जोड़ी ने भारतीय सिनेमा को यादगार गीत दिए हैं … आपकी बात से बिल्‍कुल सहमत हूँ …
    इन्‍हें सुनना हमेशा ही मन को भाता है
    सादर

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