Monthly Archives: October 2013

Meghs – Dalits of Sialkot – मेघ – स्यालकोट के दलित

21-10-2013 को रात 10 बजे एनडी टीवी पर ‘रवीश की रिपोर्ट’ कार्यक्रम में मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की बात की गई थी. यह जान कर अच्छा लगा कि उसमें स्यालकोट से मेरठ आकर बसे समुदायों की स्थिति का भी ज़िक्र … Continue reading

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Slavery of Meghvanshis – मेघवंशियों की गुलामी

जातियो में बँटे लोग एक नहीं हो पाते क्योंकि वे गुलामी के सिस्टम में पले होते हैं. हर जाति के नीचे कोई न कोई जाति या समूह है. उदाहरण के लिए मेघों को लगता है कि वे चर्मकारों से बेहतर हैं. … Continue reading

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Slavery of Meghs – मेघों की ग़ुलामी

इस बारे में उन्होंने (आर्यों/ब्राह्मणों ने) बहुत चतुराई बरती. तथापि जानकार लोग इस इक्कसवीं शताब्दी में धीरे–धीरे उन्हें बेनकाब कर रहे हैं. मेघों के पूर्वज उनके खेल को इन कारणों से नहीं समझ सके : 1. आर्य/ब्राह्मणों के लिखे धर्मग्रंथों को कानून … Continue reading

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A festival of memories of Lord Macaulay – लॉर्ड मैकाले की स्मृतियों का त्यौहार

मनुवादी लॉर्ड मैकाले से नफरत करते हैं और उनके पास इसका बहुत अच्छा कारण है. यह एक तथ्य यह है कि मैकाले द्वारा 1837 में तैयार किया गया भारत दंड संहिता (आईपीसी) का मसौदा भारतीय नहीं है और इसी ने दलितों को … Continue reading

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Satyanarayan Gothwal and national flag- सत्यनारायण गोठवाल और राष्ट्रध्वज

कभी सुना था कि भारत का पहला झंडा बुनने का कार्य एक मेघवाल ने किया था. इस बारे में हाल ही में प्राप्त समाचार पत्र “दर्द की आवाज़” में अधिक पढ़ने को मिला कि इसे श्री सत्यनारायण गोठवाल ने बनाया … Continue reading

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Meghs in ‘Punjab Castes’ – ‘पंजाब कास्ट्स’ में मेघ

पत्रकार श्री देसराज काली ने मेरे ब्लॉग पर एक टिप्पणी के द्वारा बताया कि एक अंग्रेज़ सर डेंज़िल इब्बेटसन ने अपनी पुस्तक ‘पंजाब कास्ट्स‘में मेघों पर काफी लिखा है. बहुत पृष्ठ तो नहीं मिल पाए परंतु एक पैरा नेट से … Continue reading

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