Author Archives: meghnet

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Born on January, 13, 1951. I love my community and country.

Fore ordeal – अग्निपरीक्षा

पुरातन काल में अग्निपरीक्षा में केवल स्त्रियों को ही बैठने की अनुमति होती थी. यदि वो पास हो जाती तो भी कई बार राजा उसे सज़ा देता और राज्य से निकाल देता था. तब राजा के अति बुद्धिमान संकटमोचक सेवक … Continue reading

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2014 in review

The WordPress.com stats helper monkeys prepared a 2014 annual report for this blog. Here’s an excerpt: A New York City subway train holds 1,200 people. This blog was viewed about 6,800 times in 2014. If it were a NYC subway … Continue reading

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BJP and Meghs – बीजेपी और मेघ

बीजेपी का दलित दाँव आज सभी समाचारिया चैनल उदित राज (बुद्धिस्ट) और रामविलास पासवान (दुसाध) और रामदास अठावले (बुद्धिस्ट), अध्यक्ष, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के बीजेपी में जाने की खबरों से अटे पड़े हैं. पासवान कभी पायदार सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं. केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं. उनकी … Continue reading

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Hindutva and Manusmriti – हिंदुत्व और मनुस्मृति

जहाँ तक ‘हिंदू’ शब्द का सवाल है यह शब्द दलितों के लिए जात-पात का बुरा संकेत है और ब्राह्मणों के लिए ‘मनुस्मृति’ को जारी रखने का खुशी भरा एक संकेत. एक मान्य-सी परिभाषा के अनुसार ‘हिंदू वह है जो वेदों … Continue reading

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The reality of riots – दंगों का सच

दंगों का कारण कभी भी केवल धार्मिक और आर्थिक नहीं रहा. इनका संबंध सत्ता से रहा है और अब लोकतंत्र में सीधे तौर पर वोटों की गिनती के साथ है. कोशिश होती है कि दंगे कर के दलितों और दलितों … Continue reading

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Bhagata Sadh – भगता साध

As revealed by the history of famines during the 19TH century, because of hunger and tormenting poverty, many people among the communities like Meghs had even started eating the flesh of animals, dead or otherwise. Hunger also compelled them to … Continue reading

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Faith is eventually lost – विश्वास अंततः टूटता है

मैंने विश्वास की शक्ति को महसूस किया है. वह ‘भगवान’ की है या नहीं मैं नहीं जानता. मैं कई बार ऐसे लोगों के बारे में सोचता हूँ जिन्होंने कभी ‘भगवान’ (God) शब्द नहीं सुना. कई देश ऐसे हैं जहाँ गॉड … Continue reading

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