Category Archives: भगत मुंशीराम

Communal Harmony (जातीय सद्भाव) – Bhagat Munshi Ram – Baba Faqir Chand

मुझे छोटी आयु से यह जानने की तलाश थी ‘मैं कौन हूं?’ इस तलाश के सिलसिले में मैंने बहुत दौड़ धूप की. सन्‌ 1911 ई. में मैंने गायत्री मन्त्र का जाप शुरू किया. कई संतों-महात्माओं से मिला. धर्म ग्रन्थों का … Continue reading

Posted in बाबा फकीर चंद, भगत मुंशीराम | 1 Comment

Ancient History of Meghs – मेघों का पुराना इतिहास

पुराना इतिहास मेरे प्यारे मेघ भाई, बहनों और बच्चो! अब तक जो बातें मैंने लिखी हैं, जिसके पढ़ने में, जानने में और सोचने में आपका पर्याप्त समय लग गया, इसलिए लिखी हैं कि आपको विश्वास हो जाए कि आपके अन्दर जो यह इच्छा है … Continue reading

Posted in इतिहास, भगत मुंशीराम, मेघमाला, Origins | 2 Comments

The first Megh – आदि मेघ

आदि मेघ जिन भाई बहनों ने इस पुस्तक का पहला प्रकरण पढ़ लिया, सम्भव है उनके अन्दर आश्चर्य उत्पन्न हो कि बात क्या थी और मेघ शब्द की परिभाषा क्या की गई. प्रश्न तो यह है कि आदि मेघ अर्थात्‌ जो … Continue reading

Posted in इतिहास, भगत मुंशीराम, मेघमाला, Origins | Leave a comment

From Megh -Mala – मेघ-माला से

पाकिस्तान में हमारे गाँव के पास एक ढल्लेवाली गाँव था. वहाँ के ब्राह्मणों, हिन्दु जाटों और महाजनों ने चमारों और हरिजनों या सफाई करने वालों को तंग किया, और गाँव से निकल जाने के लिए कहा. उन्होंने स्यालकोट शहर में जाकर जिला … Continue reading

Posted in इतिहास, भगत मुंशीराम, मेघमाला | Leave a comment

Meghs and Cause of Caste differentiation – जाति भेद का मूल कारण और मेघ

जाति भेद का मूल कारण इस संसार में जो भी जीव-जन्तु हैं, कई रूप, रंग, वर्ण रखते हैं. उनके समूह को ही जाति कहा गया है. जल, थल, आकाश के जीव अपनी-अपनी जातियाँ रखते हैं. पशु-पक्षियों और जल में रहने वाले मच्छ, कच्छ, व्हेल मछली जैसी जातियाँ … Continue reading

Posted in इतिहास, भगत मुंशीराम, मेघमाला, Origins | Leave a comment