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Om Puri – अर्द्धसत्य का पूर्णसत्य

ओम पुरी जी, बल्ले…बल्ले…कमाल कर दी. फिक्र नहीं, कह दी तो कह दी. अर्द्धविराम का पूर्णविराम होता है तो अर्द्धसत्य का पूर्णसत्य भी होता है जो तुमसे कल सुना. अण्णा हज़ारे के मंच पर और अण्णा के पास खड़े हो … Continue reading

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