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Let us play fire – आओ ‘ठायँ-ठायँ’ खेलें

कंचे, गिल्ली डंडे और हाकी में बचपन खो दिया. छि-छि. बचपन बेकार गया. कुछ नहीं खेला. आपको नए खेल ‘ठायँ-ठायँ’ से परिचित कराना आवश्यक हो गया है. आजकल गली-मोहल्ले में कोई वारदात-खेल-तमाशा हो तो वहाँ से गोली चलने की आवाज़ (ख़बर) … Continue reading

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