Category Archives: Religion

Hindutva and Manusmriti – हिंदुत्व और मनुस्मृति

जहाँ तक ‘हिंदू’ शब्द का सवाल है यह शब्द दलितों के लिए जात-पात का बुरा संकेत है और ब्राह्मणों के लिए ‘मनुस्मृति’ को जारी रखने का खुशी भरा एक संकेत. एक मान्य-सी परिभाषा के अनुसार ‘हिंदू वह है जो वेदों … Continue reading

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Faith is eventually lost – विश्वास अंततः टूटता है

मैंने विश्वास की शक्ति को महसूस किया है. वह ‘भगवान’ की है या नहीं मैं नहीं जानता. मैं कई बार ऐसे लोगों के बारे में सोचता हूँ जिन्होंने कभी ‘भगवान’ (God) शब्द नहीं सुना. कई देश ऐसे हैं जहाँ गॉड … Continue reading

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Religion of Meghs – A deliberation – मेघों का धर्म- एक चिंतन

मेघ समुदाय में मेघों के धर्म के विषय पर कुछ कहना टेढ़ी खीर है. यदि किसी को अपने धर्म के बारे में ठीक-ठीक नहीं मालूम तो आप उससे क्या अपेक्षा रखेंगे. यह विषय गहन गंभीर है क्योंकि- (1) धर्म व्यक्ति की नितांत व्यक्तिगत … Continue reading

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Talk from a distance Your Holiness! – दूर से बात करो महात्मा जी !

टीवी पर आसाराम का केस सुनते–सुनते कान पक गए हैं. इसे कबीर के दो शब्दों में समेटा जा सकता है–                                   दास कबीर हर के गुन गावे, बाहर कोऊ पार न पावे                                   गुरु की करनी गुरु जाएगा, चेले की … Continue reading

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Interesting and dreadful images take away your money – रोचक और भयानक तस्वीरें आपका धन ले जाती हैं

यह तस्वीर शिव की है जिसके हाथ में त्रिशूल (हथियार) है, गले में साँप है, माथे पर चंद्र (Luna) है.  रंग काला है. कुछ गहने पहने हैं. कुछ दूरी पर शिवलिंग है. एक रोचक और भयानक बिंब. इस बिंब को … Continue reading

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Mother Goddess is here – देवी माँ आई हैं

कई वर्ष हो गए चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर में कहीं किसी महिला में ‘देवी माँ’ के आने की ख़बर नहीं सुनी थी. मेरे सर्कल में पिछले दिनों ‘देवी माँ’ के पधारने की ख़बर आ गई. तब मेरी आयु 12-13 वर्ष … Continue reading

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Megh Churn-3 – मेघ मथनी (मधाणी)-3

चाटी में रखा धर्म बड़ीईईईई मुश्किल है. मिस्टर मेघ से बात करना ख़तरे से ख़ाली नहीं. वे हमेशा ज़मीनी बात कहें यह ज़रूरी नहीं लेकिन वे कड़ुवी बातें कहेंगे यह तय है. इस बार जब वे भार्गव कैंप (मेघ नगर) … Continue reading

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