Category Archives: Unity

Why there is no unity in Meghs-3 – मेघों में एकता क्यों नहीं होती-3

मेघों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनके समुदाय का अपना कोई एक धर्म नहीं है. वे इधर-उधर धार्मिक सहारा ढूँढते-ढूँढते विभिन्न धर्मों में बँट गए. सामाजिक संघर्ष के लिए न उनके पास पर्याप्त शिक्षा है, न एकता और न … Continue reading

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Unity of SCs, STs and OBCs – अ.जा., अ.ज.जा. और पिछड़ी जातियों की एकता

कई विद्वानों ने इस विषय पर विचार-विमर्ष किया है विशेषकर ‘बहुजन हिताय’ दर्शन के तहत जिसका बहुत महत्व है. मैंने भी अपने चिट्ठों में इस विचार-धारा के समर्थन में लिखा है. लेकिन जब समाज की व्यावहारिक स्थिति की बात आती है तो … Continue reading

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Indian weavers – a unique community – भारतीय जुलाहे – एक अद्भुत समुदाय

क्या कोई व्यक्ति अपनी आय के साधन को थाली में रख कर किसी अन्य के हाथ में सौंप देता है? हाँ, भारत के जुलाहों में यह बात है. उन्होंने उन सरकारी नीतियों के विरुद्ध संगठित आंदोलन नहीं चलाया जिनकी मदद से देश … Continue reading

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Bharatiya Shudra Sangh (BSS) – भारतीय शूद्र संघ

भारत की दलित जातियाँ अपनी परंपरागत जाति पहचान से हटने के प्रयास करती रहीं हैं. इस बात को भारत का जातिगत पूर्वाग्रह भली-भाँति जानता है. मूलतः शूद्र के नाम से जानी जाती ये जातियाँ अपनी पहचान को लेकर बहुत कसमसाहट … Continue reading

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We exist in songs – गीतों में हम हैं.

कई वर्ष पहले मैंने ‘मेघ’ शब्द इंटरनेट पर ढूँढा. मंशा थी कि बिरादरी के बारे में शायद कुछ जानकारी मिले. मगर कुछ नहीं मिला. ‘मेघ’ सरनेम वाले एक अमरीकन की वेबसाइट मिली. वह उद्योगपति था. लेकिन वह काफी गोरा था. … Continue reading

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मेघ किस …इयत के हैं

पंजाब के मेघ बच्चे पंजाबियत का गर्व करते हैं. इसी प्रकार जम्मू-कश्मीरियत या डोगरियत का भी वे दम भरते हैं. राजस्थान में वे राजस्थानियत के हो रहे हैं और गुजरात में गुजरातियत के. मैं इस प्रवृत्ति या आदत का पक्ष … Continue reading

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